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Wednesday, April 15, 2026

करो या मरो अगस्त क्रांति के महानायक अमर शहीद रामफल मंडल जी का प्रतिमा का अनावरण

करो या मरो अगस्त क्रांति के महानायक अमर शहीद रामफल मंडल जी का प्रतिमा का अनावरण मधुबनी जिला के खुटौना प्रखण्ड के दुर्गीपट्टी ( दुर्गा- स्थान ) गांव में ,दिनांक - 10 नवम्बर 2022 ई० को बिहार के मुख्यमंत्री माननीय श्री नितीश कुमार जी के द्वारा किया जाएगा। झंझारपुर के सांसद श्री रमप्रीत मंडल जी के निजी खर्च पर प्रतिमा लगाई जा रही है,जो धानुक जाति के लिए गर्व की बात है। अतः आप सभी धानुक समाज से अपील है राजनीतिक विचारधारा से हटकर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं । आप सबों को कोटि - कोटि धन्यवाद । निवेदक : अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ अम्बाला

Sunday, August 28, 2022

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ स्थापना दिवस

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ स्थापना दिवस 03 09 2018

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ

Sunday, June 5, 2022

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ अम्बाला कैंट हरियाणा
सेवा समर्पण संगठन

Tuesday, May 24, 2022

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बिरेंदर मंडल स्थापना दिवस 03 सितंबर 2018 संस्थापक सदस्य, समस्त धानुक परिवार

Thursday, May 12, 2022

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ अम्बाला

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ अम्बाला अध्यक्षः देव नंदन मंडल

Monday, August 23, 2021

अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ अम्बाला


 अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ अम्बाला टीम से देव नंदन मंडल ने अमर शहीद रामफल मंडल जी को श्रद्धांजलि दीया खीर वितरण किया



अखिल भारतीय धानुक एकता महासंघ अम्बाला

धानुक (अंग्रेजी: Dhanuk), एक जातीय समूह है जिसके सदस्य बांग्लादेश , भारत और नेपाल में पाए जाते हैं। भारत में धानुक मूलतः बिहार , झारखण्ड , त्रिपुरा , पश्चिम बंगाल राज्यों में विभिन्न नामों / जातियों से जाने जाते हैं। उन्हें पिछड़े जाति का दर्जा प्रदान किया गया है । नेपाल मे वे सप्तरी, सिरहा और धनुषा के तराई जिलों में बसे हुए हैं। वे या तो क्षत्रिय या एक अल्पसंख्यक स्वदेशी लोग हैं। पूर्वी तराई के धानुक मंडल के रूप में भी जाना जाता है और पश्चिमी तराई के धानुक 'पटेल' कहलाते हैं। बिहार में धानुक जसवार कुर्मी के रूप में भी जाना जाता है। पूरे बिहार में इनके उपनाम सिंह , महतो , मंडल , रावत , पटेल , सिन्हा , विश्वास इत्यादि हैं। तीनों देशों में धानुक हिन्दू हैं, और इस तरह के मैथिली , भोजपुरी और अवधी के रूप में हिंदी के विभिन्न बोलियां बोलते हैं।

धानुक
विशेष निवासक्षेत्र
• Flag of भारत भारत • Flag of नेपाल नेपाल • धानुक बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल में भी पाया जाता है। हालंकि धानुक तीन देश में पाया जाता है। भारत नेपाल बांग्लादेश में धानुक पाया जाता है। नेपाल और भारत में धानुक अधिक मात्रा में है। बांग्लादेश में मुस्लिम की जनसंख्या अधिक मात्रा में है। बांग्लादेश में धानुक कम मात्रा में है।जब भारत १९४७ में बांटा तो उनकी आवादी घट गई।
भाषाएँ
• हिन्दी • मैथिली • भोजपुरी •बंगाली भाषा • नेपाली भाषा आदि
धर्म
• हिन्दू

परंपरा के अनुसार, 'धनुक' संस्कृत शब्द 'धनुषकः' से लिया गया है जिसका अर्थ है धनुषधारी। [1][2]

धानुक जा‍ति‍ के लोग राजा महाराजा काल मे उनकी अग्रिम पंक्ति में धनुर्धर के रूप में रहते थे जो किसी भी युद्ध में सबसे पहला आक्रमण करते थे क्योंकि इनकी निशानेबाजी सभी जातियों में सबसे अच्छी थी । धानुक जो धनुष्क से उद्धरित हुआ है इसका मतलब ही धनुष चलाने वाला होता है जिसका उल्लेख मालिक मुहम्मद जायसी की किताब पदमावत/पद्मावत में भी उल्लेख है।

आशीर्वादी लाल श्रीवास्तव की किताब दिल्ली सल्तनत में भी इसी बात का उल्लेख है। (देव नंदन मंडल)

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देेव नंदन मंडल

















 
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